
तिल्दा-नेवरा के थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी की शानदार कार्रवाई ने फिर साबित कर दिया कि मेहनत और सूझबूझ से कोई भी केस असंभव नहीं होता। रामानुजगंज के राजेश ज्वेलर्स डकैती कांड में जहां अपराधियों ने करीब 2.85 करोड़ रुपये की सोने-चांदी की ज्वेलरी लूट ली थी, वहीं तिल्दा-नेवरा पुलिस ने इस पूरे गिरोह को धर दबोचकर बड़ी सफलता हासिल की।थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने लगातार 22 दिनों तक बिहार, झारखंड, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में अभियान चलाया। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर नेटवर्क के सहारे पुलिस ने गिरोह की लोकेशन ट्रेस की और धीरे-धीरे पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया। इन अपराधियों के खिलाफ बिहार और झारखंड में पहले से कई गंभीर मामले दर्ज थे, साथ ही ₹1 लाख का इनाम भी घोषित था।पुलिस टीम की सूझबूझ और तिवारी के मजबूत नेतृत्व के चलते गिरोह के सरगना समेत आठ अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। उनके ठिकानों से 2.85 करोड़ रुपये की ज्वेलरी बरामद की गई।माननीय सत्र न्यायालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सभी आठ अभियुक्तों को आजीवन कारावास और ₹50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई।इस ऐतिहासिक फैसले के बाद तिल्दा-नेवरा में गर्व और खुशी का माहौल है। लोगों ने थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी की ईमानदार और जुझारू कार्रवाई की खुलकर सराहना की है। तिवारी की यह कार्रवाई न सिर्फ पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण बनी, बल्कि अपराधियों के बीच कानून का भय भी फिर से स्थापित किया।कानून की जीत हुई — अपराध की हार।




